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3-सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’: यह दीप अकेला, मैंने देखा, एक बूँद

Hindi · Class 12

यह कार्यक्रम हिन्दी भाषा के कवि सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ की सुप्रसिद्ध रचना यह दीप अकेला तथा मैंने देखा, एक बूँद पर आधारित है। यह दीप अकेला कविता में अज्ञेय ऐसे दीप की बात करते हैं जो स्नेह भरा है, गर्व भरा है, मदमाता भी है किंतु अकेला है। मै ने देखा एक बूँद कविता में अज्ञेय ने समुद्र से अलग प्रतीत होती बूँद की क्षणभंगुरता को व्याख्यायित किया है।